जॉनी लीवर का जीवन परिचय | Johnny Lever Biography In Hindi

इस ब्लॉग में आज मै बात करने वाला है भारतीय सिनेमा में कॉमेडी की एक अलग पहचान बनाने वाले शख्स जॉन प्रकाश राव जनुमाला जिन्हें हम इन्हें आम तोर पर जॉनी लीवर के नाम से भी जानते है। दोस्तों जॉनी लीवर ने अभी तक 350 से भी ज्यदा फिल्मो में काम करते हुए अपनी यूनिक एक्टिंग और एक्टिंग के दम पर मुस्कान भी ला चुके है।

और इनके इन्ही योगदान की वजह से 13 बार इन्हें फिल्म फेयर आवार्ड से भी सम्मानित किया जा चूका है जॉनी को छोटे बच्चे से लेकर बड़े बूढ़े सभी जानते है। लेकिन शायद ही कोई होगा जो इनके सफलता के पीछे का संघर्स जनता होगा।

जॉनी लीवर का जन्म 14 अगस्त 1956 को आंध्र प्रदेश के प्रकासम जिले में एक बेहद ही गरीब परिवार में हुआ था। लेकिन वे मुंबई के किंग्स सर्कल,धारावी मुंबई में बड़े हुए जहा इनके पिता हिंदुस्तान लीवर फैक्ट्री के तोर पर काम करते थे।

आगर पढाई की बात करे तो इन्होने आंध्र प्रदेश से सोसायटी से सातवी तक की पढाई की और घर के हालत इस तरह से ख़राब हो गए की उन्होंने पढाई को बीच में ही छोडनी पड़ी और अपना पेट पलने के लिए इन्होने मुंबई के सडको पर पेन बेचना शुरु कर दिया। इसके आलावा इन्होने अपने पिता के साथ हिंदुस्तान लीवर फैक्ट्री में भी मजदूरी की।

और यही पर इनका नाम ओम प्रकाश से जॉनी लीवर हो गया दोस्तों इसमें हुआ कुछ यू की ओम प्रकाश काम के समय अपने फैक्ट्री के बड़े अधिकारी के मिमिक्री करते हुए वहा पर काम कर रहे वर्कर्स को मनोरंजन भी करते थे। और इस तरह से वहा के लोग जॉन प्रकाश राव को प्यार से जॉनी लीवर कहकर बुलाते थे।

तभी से जॉन प्रकाश जॉनी लीवर के नाम से जाने जाते है और जॉनी लीवर की एक्टिंग से उनके सभी कर्मचारीयो के साथ ही फैक्ट्री के अधिकारी भी काफी ज्यादा प्रभावित थे और जब कभी भी कंपनी में कोई फँसन होते थे तो उसमे जॉनी को स्टेज परफोरमेंश के लिए जरुर बुलाया जाता था। आगे चलकर जब इन सोर्से के जरिये अच्छी इनकम आने लगी तो इन्होने 1981 में जाकर कंपनी छोड़ दी। और अपना पूरा समय अपने टेलेंट को और इम्प्रूव करने में लगा दिए।

उसके बाद अपनी मेहनत और लगन से धीरे धीरे स्टेज शो में एक सफल कलाकार बन गए। और फिर 1982 में उन्होंने अपना कोई बड़ा स्टेज परफोर्मन्स अमिताभ बच्चन के साथ किया। जॉनी को भी अभी तक स्टेज शो में काफी पोपुलिरीटी मिल गयी थी। लेकिन फिल्म में अभी भी कदम रखने में सफल नहीं हो सके थे।

तभी उसी बीच एक शो के दोरान डायरेक्टर सुनील दत्त ने उनके टेलेंट को पहचाना और पहली बार “दर्द का रिश्ता” फिल्म के लिए उन्हें साइन कर लिया। इसके बाद जलवा में नसीरुद्दीन शाह के साथ भी देखी गयी लेकिन इनके असली सफलता 1993 में सुपरहिट फिल्म “बाजीगर” से शुरु हुई। और उसके बाद से इन्होने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी एक ऐसी छाप छोड़ी की अगले कुछ सालो तक वे लगभाग सभी फिल्मो में सपोर्ट एक्टर के रूप में नजर आये।

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और सुजाता से उनके दो बच्चे है जिसमे बेटे का नाम जेस्सी और बेटी का नाम जेम्मी है तो दोस्तों बता दु की जेम्मी भी एक स्टारडम कॉमेडियन है और अभी हाल ही में कपिल शर्मा के साथ किस किस को प्यार करू में भी दिखाई दी। तो दोस्तों जॉनी लीवर भले ही असफल कलाकार हो गए है भले आज उनके पास आज बहुत सारा धन ज्यदाद है। फिर भी वो अपने पुराने घर साथियों से मिलने के लिए हमेशा जाते रहते है।

तो दोस्तों जॉनी लीवर की यह जीवन हमें यह सिख देती है की अपने पेशन,टेलेंट को लेकर अन्दर आगे बढ़ेगे तो जरुर सफल होंगे। हा हो सकता है जॉनी लीवर की तरह आप को भी पेशन को समझने के लिए थोडा समय लग जाए।

लेकीन आगर एक बार अपने दिल की बात सुनाई दे दी तो सफलता खुद मिल जाएगी। उम्मीद करता हु की दोस्तों ये स्टोरी जॉनी लीवर की जरुर पसंद आई होगी तो आप अपने दोस्तों से शेयर जरुर करे।                               

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